Rajasthani shayari attitude अपने भीतर एक अलग ही ठस्सो, दम और शान लिए होती है। यह सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि राजस्थान की वीर धरती का गर्व और स्वाभिमान है।
राजस्थान की बोली में जो तड़का है, वही इस शायरी की असली ताकत है। यहां के शब्द सीधे दिल पर लगते हैं और अपना असर छोड़ते हैं।
राजस्थानी लोग सादगी में भी रुतबा रखते हैं। उनकी शायरी में उसी शान, आत्मविश्वास और ईमानदारी का रंग मिलता है।
Rajasthani Attitude Shayari में घमंड नहीं, बल्कि सच्चे आत्मसम्मान का एहसास होता है। यह दिखावे से नहीं, बल्कि दिल की सच्चाई से पैदा होता है।
“हम राजस्थानी, बात एक बार बोलूं—
तो पत्थर पर लकीर झैं पक्की।”
“ठस्सो रा हम पैदा सूं शौकीन,
डर तो भगवान रो भी नी खावां।”
“हमारी चाल ऊंट झैं धीमी,
पर असर तो तूफान झैं भारी।”
“राजस्थानी छोरो—दिलदार भी,
पर दुश्मनी में कड़क भी।”
“हम बात कम,
पर काम राजा झैं दमदार।”
“जिन्हें हमरी चुप्पी कमजोरी लगै,
वो हमारी आंखों रो इशारो नी समझ्या।”
“हमारा swag रेत रो—थामलो नी जाए।”
“राजपुताना खून में सै,
इसलिए इरादा कभी हिलो नी।”
“हमरा attitude तो महंगो,
हर कोणी अफोर्ड नी कर सकै।”
“मिजाज थोड़ा कड़क सही,
पर दिल बड़ा सच्चो।”
“हमरी पहचान—साफ दिल,
साफ बात, साफ इरादा।”
“हम तो दुश्मनी भी शान सूं करां,
प्यार भी इज्जत सूं।”
“जिन्हें हम छोड़ दइयो,
उनकी किस्मत भी छोड़ देती।”
“हिम्मत तो हमरी रग-रग में,
डर तो बस भगवान रो।”
“हम चोट खातो नी,
घाव दे देवे।”
“राजस्थानी छोरो—
दुश्मनी कम, पर बदला भारी।”
“हम तो वही करां जे मन में ठान लईयो।
बाकी दुनिया बातां में time बिगाड़ती।”
“बात एक बार बोलेवां,
फिर वापस नी लेवां।”
“हमारी चाल देख के लोग बोलै—
‘ए छोरा तो पक्को Rajasthan रो।’”
“राजस्थानी लोग—धीमी मुस्कान,
पर कड़क जवाब।”
“हमारा रुतबो नी,
हमारी सोच भारी।”
“दुश्मन भी कहै—
राजस्थानी से पंगा मत ले।”
“हम रोको-टोकियो नी सहता,
जीने की आदत स्वतंत्र।”
“हमारा स्टाइल अलग,
कॉप़ी नी हो पावै।”
“हम तो desert झैं—दूर सूं शांत,
पास आओ तो कड़क।”
“राजस्थानी छोरो—थोड़ो देसी,
थोड़ो classy, पूरा भारी।”
“हम नी बदलां समय सूं,
समय बदलै हम सूं।”
“हमरी सोच ऊंची,
इसलिए बात भी भारी।”
“हमारे सामने तूफान भी सोच के चलै।”
“राजस्थानी हूँ,
तेवर भी मस्त अर् इरादा भी पक्का।”