Rajasthani Love Shayari

Rajasthani Love Shayari अपने भीतर प्यार, मिठास और दिल की गहराई लिए होती है। राजस्थान की बोली में जो अपनापन और गर्मजोशी है, वही इस शायरी को खास बनाती है।

राजस्थान की मिट्टी में ही एक अलग मोहब्बत बसती है। यहां का प्यार सच्चा, सरल और पूरी आत्मा से जुड़ा हुआ होता है।

Rajasthani Love Shayari इसी भाव को खूबसूरती से शब्दों में पिरोती है। इन शायरियों में दिल की धड़कन भी सुनाई देती है और संस्कारों की महक भी।

राजस्थानी भाषा की मिठास हर प्यार वाली लाइन को और रोमांटिक बना देती है। एक साधारण सी बात भी यहाँ गहरी और भावुक महसूस होती है।

“थारी मुस्कान तो माजण सूं भी मीठी लागे,
देखूं तो मन रो दिन ही खिल जावै।”

“थारो नाम बोलूं तो दिल में केसर रो रंग छा जावै।”

“थारी आंखां में देखूं तो जन्नत रो दरवाजो खुल जावै।”

“थारी चाल पायल री धुन झैं,
मन में घणो मिठास भरो देवे।”

“थारा बिना हर सवेरे में उजास ना,
मन रो सूरज तो थारा संग ही उगै।”

“थारी बातां में घी-दूध रो स्वाद,
मन री भूख ही मिट जावै।”

“थारो हाथ पकड़ूं तो भगवान री मेहर लागे।”

“थारी हंसी रा बिना,
दिवसो भी आधरो लागे।”

“थारी महक आज भी मेरे गळै रूमाल में बसैलो।”

“थारा संग रो हर पल,
थारो हर शब्द—दिल में झूमर झैं नाचै।”

“थारी नजरों में जादू सै,
देखूं तो मन रैगो रेगिस्तान भी हरियालो हो जावै।”

“थारा बिना जीवं तो सही,
पर जींदगी नी जीऊं।”

“थारो प्यार मोतियों री थैली झैं—कीमती अर् चमकीलो।”

“थारी एक मुस्कान सूं भी,
मन रो पूरा मेला सज जावै।”

“थारा बिना हर बात अधूरी,
हर चाहत आधी।”

“थारी चुनरी रो सुगंध,
आज भी मन में महकती रहै।”

“थारो बोलवो,
घणो सरल—पर असर भारी।”

“थारी यादें कढी-कढी मन रा दरवाजे खटखटावै।”

“थारी पहली झलक देखी,
तब सूं दिल रो त्योहार चालू होग्यो।”

“थारी eyelashes रो झुकण,
मन रो तीर सीधो दिल में उतार देवे।”

“थारा बिना चाय फीकी,
पर थारा साथ सूं पानी भी मीठो लगे।”

“थारी आंखो री चमक—जैसे थारो हीरो रो झूमर।”

“थारी याद रात में परांठा झैं पेट भर दे—नींद भी आ जावै।”

“थारा नाम सुनूं तो दिल रो घोड़ो कड़क आवाज में दौड़ै।”

“थारी मुस्कान मोतियों री झंकार,
जे सुनूं तो मन राजस्थानी गीत झैं झूम जावै।”

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